भारतीय नव वर्ष संकल्प का दिवस है - डॉ अवधेश
बस्ती, वाशिष्टगर, हरिओम प्रसाद स्थानित समाचार, 22 मार्च 26,समय 6.36
सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग, बस्ती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बस्ती द्वारा आयोजित एकत्रीकरण एवं पथ संचलन में जिला सह संघचालक प्रमोद जी, कार्यक्रम अध्यक्ष धीरेंद्र शुक्ला जी एवं मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ अवधेश जी ने भारतमाता के चरणों मे पुष्पार्चन करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। भारतीय नव वर्ष संकल्प का दिवस है। नवसंवत्सर सबसे प्राचीन संवत्सर है। सतयुग में देवता और राक्षस अलग-अलग लोकों में रहते थे और उनमें प्राय युद्ध हुआ करते थे त्रेता युग में देवता और राक्षस एक ही लोक में रहने लगे और अपने विचारों को लेकर के प्राय युद्ध हुआ करते थे। द्वापर में देव प्रवृत्तियां और राक्षसी प्रवृत्तियां एक ही परिवार में पनपने लगी तो कलयुग में यह देव प्रवृत्ति और राक्षसी प्रवृत्ति एक ही व्यक्ति के अंदर होने लगी वह स्वयं से संघर्ष करने लगा। क्या अच्छा है, क्या बुरा है इसका निर्णय स्वयं करना पड़ता है। हम सभी पंच परिवर्तन की चर्चा कर रहे हैं लेकिन इस पर कार्य भी करें और यह हमारे अंदर समाहित हो ऐसा प्रयास होना चाहिए। यह पर्व ब्रह्मा जी द्वारा श्रृष्टि की रचना तथा काल गणना का प्रारंभ दिवस है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का राज्याभिषेक का दिवस है सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत के शुभारंभ का दिवस है नवरात्र का प्रारंभ है महर्षि दयानंद द्वारा आर्य समाज की स्थापना का दिवस है भगवान झूलेलाल का जन्म दिवस है और जिस संघ का हम संघ शताब्दी वर्ष मना रहे हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार जी का जन्म दिवस है ।
यह पावन पर्व हम सभी के जीवन की उन्नति के पथ पर अग्रसर करें भारतीय संस्कृति के अनुसार वर्ष का आरंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है यह सृष्टि के आरंभ का दिन है भारतीय काल गणना उसी दिन से प्रारंभ होती है और हम सभी दैनिक संकल्प में दोहराते भी हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज के बीच में समाज के लिए कार्य कर रहा है और हम सभी राष्ट्र के एक अवयव है राष्ट्र प्रगति करेगा इसी में हमारा भी हित है ।
उपरोक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉक्टर अवधेश ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबाग में उपस्थित स्वयंसेवकों के बीच में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कहीं। इससे पूर्व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धीरेंद्र शुक्ला जी ने कहा कि मैं संघ के इस कार्यक्रम में आकर अभिभूत हूं और यह हिंदू समाज का विराट स्वरूप का मै दर्शन कर रहा हूं निश्चित रूप से यह राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले लोग समर्पित लोग है, जिससे राष्ट्र उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा। बौद्धिक से पूर्व एकल गीत श्वेतांशु के द्वारा गया गया और अमृत वचन, मुख्य शिक्षक के दायित्व का निर्वहन सुधांशु जी ने निभाया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित यह पथ संचलन सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग से प्रारंभ होकर पक्के, रोडवेज, जिला अस्पताल, दक्षिण दरवाजा होते हुए साहू धर्मशाला पर समापन हुआ। जिसमें सैकड़ो स्वयंसेवकों ने पंक्तिबद्ध होकर अनुशासित रूप से संघ द्वारा दिखाए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पथ संचलन किया। घोष के वाद्य के बीच में कदम से कदम मिलाते हुए स्वयंसेवक आगे बढ़ रहे थे। नगर के कई स्थानों पर आम जनमानस ने स्वयंसेवकों के ऊपर पुष्प वर्षा करके स्वागत वंदन किया। अतिथि परिचय जिला कार्यवाह नीरज जी ने कराया।
इस अवसर पर अखिलेश जी प्रांत गोसेवा प्रमुख, प्रांत समरसता प्रमुख सुभाष जी, ऋषि जी विभाग प्रचारक, आशीष विभाग कार्यवाह, अरविंद जी, भवानी प्रसाद जी, विष्णु प्रसाद जी,संतराम जी,श्री राम जी, गोविंद सिंह जी, राजेश कुमार जी, सर्वेंद्र जी, राघवेंद्र जी, अंकित जी, वायुनंदन जी, हरिओम प्रकाश जी, भानु जी, वीरेन्द्र जी आदि उपस्थित रहे।

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