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रविवार, 22 मार्च 2026

“रुधौली में अवैध अल्ट्रासाउंड का खेल! एडिशनल सीएमो के संरक्षण में फलता-फूलता काला कारोबार?”

 

रुधौली में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों का साम्राज्य! एडिशनल सीएमओ के संरक्षण में फल-फूल रहा काला कारोबार?


बस्ती।, हरिओम, संवाददाता, कौटिल्य का भारत, 22 मार्च, 26,समय, 4.45

जनपद बस्ती के रुधौली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुधौली के ठीक सामने आधा दर्जन से अधिक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर खुलेआम संचालित हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन अवैध सेंटरों को कथित रूप से स्वास्थ्य विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। आरोपों के अनुसार एडिशनल सीएमओ अशोक चौधरी के प्रभाव के कारण जे पी डायग्नॉस्टिक सेंटर समेत कई अल्ट्रासाउंड सेंटर, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन संस्थानों को सीधे अपने नाम से न चलाकर रिश्तेदारों और करीबी लोगों के माध्यम से संचालित कराया जा रहा है।

सबसे ज्यादा सवाल जे पी डायग्नॉस्टिक सेंटर को लेकर उठ रहे हैं। आरोप है कि इसका संचालन जे पी चौधरी नामक व्यक्ति कर रहा है, जिसे स्थानीय लोग झोलाछाप बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि वह खुद को अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ बताकर मरीजों को गुमराह करता है, जबकि उसके पास इस कार्य के लिए आवश्यक मान्यता और विशेषज्ञता नहीं है। उसके विजिटिंग कार्ड पर कई डिग्रियों का उल्लेख है, जिनकी सत्यता पर भी गंभीर संदेह जताया जा रहा है।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आ रही है कि इस सेंटर पर कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे गैरकानूनी कार्य भी किए जाने की चर्चा है। यदि यह आरोप सत्य साबित होते हैं तो यह पीसीपीएनडीटी एक्ट का गंभीर उल्लंघन है, जिसके तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी जांच नहीं कराई गई। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने खुलेआम चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ रही, या फिर जानबूझकर नजरें फेर ली जा रही हैं।

रुधौली में तेजी से बढ़ते इस अवैध स्वास्थ्य कारोबार ने गरीब और अनजान मरीजों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। बिना योग्य डॉक्टरों और मान्यता के चल रहे सेंटरों में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर यह अवैध कारोबार इसी तरह चलता रहेगा।

सावधान!

तस्वीर में दिख रहा कथित फर्जी अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ जे पी चौधरी और उसका सेंटर चर्चा में है। आम लोगों से अपील है कि किसी भी जांच या इलाज से पहले डॉक्टर की डिग्री, पंजीकरण और सेंटर की वैधता की जांच अवश्य कर लें, ताकि धोखाधड़ी और गलत इलाज से बचा जा सके।


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