लखनऊ, संवाददाता
नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों और मानसिक संतुलन पर गहरी चोट है। जिस छात्र ने महीनों नहीं, बल्कि वर्षों तक दिन-रात एक करके तैयारी की, परिवार ने आर्थिक और मानसिक त्याग किया, वह जब परीक्षा देकर लौटता है तो उसे लगता है कि अब उसका भविष्य तय होगा। लेकिन बार-बार पेपर लीक, गड़बड़ियां और फिर परीक्षा रद्द होना पूरे सिस्टम पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
आपकी भावना को एक ओजस्वी टिप्पणी के रूप में ऐसे लिखा जा सकता है—“बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक होना और फिर परीक्षाएं रद्द करना केवल प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य के साथ अपराध है।एक विद्यार्थी वर्षों की मेहनत, त्याग और मानसिक संघर्ष के बाद NEET और इंजीनियरिंग जैसी परीक्षाओं में बैठता है। जब उसे पता चलता है कि उसकी ईमानदार मेहनत भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ गई, तो उसका आत्मविश्वास टूटता है।
सरकारों को यह समझना होगा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार होने वाला अपराध केवल कानूनी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अपराध की श्रेणी में माना जाना चाहिए।क्योंकि जब युवाओं का विश्वास टूटता है, तब राष्ट्र की नींव कमजोर होती है।”नीट यूजी 2026 को एनटीए द्वारा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद लिया गया है। नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित होने की बात कही गई है।
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