गीता से जागेगा युवा, जागेगा राष्ट्र
भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय पुनर्जागरण एवं चरित्र निर्माण की भावना को लेकर युवाओं हेतु “आज के संदर्भ में श्रीमद्भगवद्गीता” विषय पर प्रतिदिन वैचारिक अध्ययन एवं प्रेरक संवाद सत्र आरंभ किया जा रहा है।
आज जब युवा पीढ़ी दिशाहीनता, मानसिक तनाव एवं सांस्कृतिक विस्मृति के संकट से जूझ रही है, तब श्रीमद्भगवद्गीता जीवन, कर्तव्य, राष्ट्रधर्म और आत्मविश्वास का दिव्य मार्ग प्रस्तुत करती है।
इस वैचारिक अभियान का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रनिष्ठा, सांस्कृतिक चेतना, नेतृत्व क्षमता तथा भारतीय चिंतन के प्रति गौरव का भाव जागृत करना है।
इच्छुक, जिज्ञासु एवं राष्ट्रभाव से प्रेरित युवा प्रतिदिन सायं 5 से 6 बजे तक इस निःशुल्क सत्र में सहभाग करें।
स्थान — प्रज्ञा प्रकाशन, न्याय मार्ग, बस्ती
समय — प्रतिदिन सायं 5 बजे से 6 बजे तक
सहभागिता — पूर्णतः निःशुल्क
“गीता केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मा, समाज और राष्ट्र को जागृत करने वाला सनातन उद्घोष है।”
— राजेंद्र नाथ तिवारी
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