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सोमवार, 11 मई 2026

समर्पण, सज्जनता और समाजसेवा का एक युग हुआ विलीन : धर्मेंद्र चौहान क़ो नमन!

 

समाजसेवा, सांस्कृतिक चेतना और सरल व्यक्तित्व की एक युगांतकारी स्मृति : धर्मेंद्र चौहान जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि🙏🙏🌹🌹

बस्ती,वशिष्ठ नगर,संवाददाता

भुवर क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समर्पण और जनसेवा के पर्याय माने जाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष तथा दुर्गा पूजा समिति के संस्थापक अध्यक्ष श्रद्धेय श्री धर्मेंद्र चौहान जी अब हमारे बीच नहीं रहे। लगभग 75 वर्ष की आयु में उनका निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक युग, एक विचार और एक सामाजिक परंपरा के अवसान के समान माना जा रहा है।

छः दशकों तक उन्होंने भुसावर क्षेत्र में दुर्गा पूजा की सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने में अतुलनीय योगदान दिया। जिस समय धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए संसाधन सीमित थे, उस समय धर्मेंद्र चौहान जी ने अपने समर्पण, संगठन क्षमता और अथक परिश्रम से न केवल दुर्गा पूजा समिति को मजबूत आधार दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरण का वातावरण निर्मित किया। उनके नेतृत्व में सजे दुर्गा पंडाल अनेक बार बस्ती की प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में सम्मानित हुए और क्षेत्र की पहचान बने।

वे केवल एक आयोजक नहीं थे, बल्कि समाज को जोड़ने वाले ऐसे व्यक्तित्व थे जिनके लिए धर्म का अर्थ सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता था। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन और समाज दोनों के बीच सेतु का कार्य किया। अनेक सामाजिक, धार्मिक और सेवा संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने जनहित को सदैव प्राथमिकता दी।

धर्मेंद्र चौहान जी का जीवन सादगी, सज्जनता और परोपकार की मिसाल रहा। वे ऐसे व्यक्ति थे जो स्वयं से अधिक समाज के सुख-दुख की चिंता करते थे। क्षेत्र के गरीब, जरूरतमंद और युवा वर्ग के लिए उनका घर सदैव खुला रहता था। उनके व्यवहार में विनम्रता और कार्यों में सेवा का भाव स्पष्ट दिखाई देता था।

आज उनके श्रद्धांजलि एवं ब्रह्मभोज कार्यक्रम में उमड़ रहा जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने केवल संबंध नहीं बनाए, बल्कि लोगों के हृदयों में स्थायी स्थान अर्जित किया। उनके तीनों पुत्र एवं पूरा परिवार अत्यंत श्रद्धा और समर्पण के साथ सभी व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। प्रत्येक आगंतुक की आँखों में श्रद्धा, स्मृतियों में अपनापन और हृदय में एक शून्य स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

समाज ऐसे व्यक्तित्वों को कभी भूल नहीं सकता। धर्मेंद्र चौहान जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा कि समाजसेवा केवल पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि निरंतर समर्पण, विनम्रता और लोकमंगल की भावना से होती है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार और समस्त शुभचिंतकों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति दें।धीरज चौहान ,राकेश चौहान  ,अजय चौहान उनके पुत्रो , व परिजनों को शक्ति समृद्धि बुद्धि और यश सब प्रदान करें इस तरह का मेरा परमपिता परमेश्वर से निवेदन है।

ॐ शांति।

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