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मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 33 करोड़ की पुस्तक खरीद घोटाला, राजभवन ने मांगा जवाब


पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 33 करोड़ की पुस्तक खरीद घोटाला, राजभवन ने मांगा जवाब


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एक बार फिर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। वर्ष 2017 से 2022 के बीच विश्वविद्यालय में पुस्तकों की खरीद में लगभग 33 करोड़ 29 लाख रुपये की गंभीर धांधली सामने आई है। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए राजभवन उत्तर प्रदेश ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नौ बिंदुओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

यह प्रकरण विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तक खरीद से जुड़ी शिकायत के बाद उजागर हुआ। शिकायतकर्ता उद्देश्य सिंह द्वारा राजभवन और कुलपति को भेजे गए पत्र के आधार पर विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।

जांच में स्पष्ट हुआ कि पुस्तक खरीद के दौरान निर्धारित टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। साथ ही अधिक छूट प्राप्त करने के लिए कोई प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वयं स्वीकार किया है कि 10 प्रतिशत से अधिक छूट प्राप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। पुस्तकालय समिति की बैठकों में भी इस संबंध में कोई प्रस्ताव दर्ज नहीं मिला।

सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि करोड़ों रुपये की खरीद से पूर्व न तो वित्त समिति और न ही कार्य परिषद से बजट प्रस्ताव पारित कराया गया। कई मामलों में वित्त समिति को इस बड़े व्यय की जानकारी तक नहीं दी गई।

इसके अतिरिक्त खरीदी गई पुस्तकों का समुचित रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया। न तो बारकोडिंग की प्रक्रिया पूरी की गई और न ही पुस्तकों को निर्धारित सॉफ्टवेयर में दर्ज किया गया, जबकि यह प्रक्रिया अनिवार्य है। कोविड-19 महामारी के दौरान विश्वविद्यालय बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में पुस्तकों की खरीद भी संदेह के घेरे में है।

जांच में यह भी पाया गया कि कई पुस्तकें बिना आवश्यकता के खरीदी गईं और उनकी उपयोगिता का कोई आकलन नहीं किया गया, जिससे छात्रों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में इन सभी खामियों को स्वीकार किया है। कुलपति डॉ. वंदना सिंह के अनुसार, राजभवन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट तैयार की जा रही है और जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनसे भी स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब इस पूरे मामले में अगली कार्रवाई राजभवन उत्तर प्रदेश के निर्देशों पर निर्भर करेगी।

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