जनसुनवाई में संवेदनशील प्रशासन: संतुलित विकास और समाधानपरक शासन की प्रतिबद्धता
बस्ती, 23 मार्च 2026 (सू.वि.)। समय 4.45
जिलाधिकारी श्रीमती कृत्तिका ज्योत्स्न की अध्यक्षता में तहसील बस्ती सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात सहानुभूति एवं गंभीरता से सुनी जाए, आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ समस्याओं का समाधान किया जाए।
पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह ने भी पुलिस से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को थानों से जुड़े प्रकरणों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
उप जिलाधिकारी शत्रुधन पाठक ने अवगत कराया कि समाधान दिवस में कुल 61 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 06 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग से 20, पुलिस विभाग से 14, विकास से 09, चकबंदी विभाग से 07 तथा अन्य विभागों से 11 मामले सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम में डीएफओ डा. शिरीन, सीएमओ डा. राजीव निगम, डीडीओ अजय कुमार सिंह, पीडी राजेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ए.के. गुप्ता, उप निदेशक कृषि अशोक कुमार गौतम, बीएसए अनूप तिवारी, मत्स्य अधिकारी संदीप वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता, सहायक श्रमायुक्त सचिन सिंह, अधीक्षण अभियंता जलनिगम योगेंद्र प्रसाद, ईओ नगर पालिका अंगद गुप्ता, तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि जनविश्वास को सुदृढ़ करने का माध्यम है। जब प्रशासन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तभी संतुलित विकास की अवधारणा साकार होती है।
यह आयोजन स्पष्ट संकेत देता है कि जनपद में शासन-प्रशासन “समस्या से समाधान” की दिशा में सक्रिय है और विकास को संतुलित, समावेशी तथा परिणामपरक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बस्ती, 23 मार्च 2026 (सू.वि.)।समय 4.45
जिलाधिकारी श्रीमती कृत्तिका ज्योत्स्न की अध्यक्षता में तहसील बस्ती सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात सहानुभूति एवं गंभीरता से सुनी जाए, आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ समस्याओं का समाधान किया जाए।
पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह ने भी पुलिस से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को थानों से जुड़े प्रकरणों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
उप जिलाधिकारी शत्रुधन पाठक ने अवगत कराया कि समाधान दिवस में कुल 61 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 06 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग से 20, पुलिस विभाग से 14, विकास से 09, चकबंदी विभाग से 07 तथा अन्य विभागों से 11 मामले सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम में डीएफओ डा. शिरीन, सीएमओ डा. राजीव निगम, डीडीओ अजय कुमार सिंह, पीडी राजेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ए.के. गुप्ता, उप निदेशक कृषि अशोक कुमार गौतम, बीएसए अनूप तिवारी, मत्स्य अधिकारी संदीप वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता, सहायक श्रमायुक्त सचिन सिंह, अधीक्षण अभियंता जलनिगम योगेंद्र प्रसाद, ईओ नगर पालिका अंगद गुप्ता, तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि जनविश्वास को सुदृढ़ करने का माध्यम है। जब प्रशासन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तभी संतुलित विकास की अवधारणा साकार होती है।
यह आयोजन स्पष्ट संकेत देता है कि जनपद में शासन-प्रशासन “समस्या से समाधान” की दिशा में सक्रिय है और विकास को संतुलित, समावेशी तथा परिणामपरक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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