कौटिल्य का भारत की कलम का प्रहार: साल भर की मुहिम रंग लाई, ब्रिटिश नागरिक समसुल की मदरसा सहित 50 करोड़ की संपत्ति अब जप्त होंगी - कौटिल्य का भारत

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मंगलवार, 3 मार्च 2026

कौटिल्य का भारत की कलम का प्रहार: साल भर की मुहिम रंग लाई, ब्रिटिश नागरिक समसुल की मदरसा सहित 50 करोड़ की संपत्ति अब जप्त होंगी

 

कौटिल्य का भारत दैनिक की मुहिम रंग लाई — ब्रिटिश नागरिक समसुल  हुदा की मदरसा सहित 50 करोड़ की संपत्ति पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

बस्ती।


जब सभी खलीलाबाद के शमशूल हुदा की खबर से कतराते थे, प्रेस, प्रशासन आदि, तब बस्ती के वरिष्ठ पत्रकार सोहन सिंह और कौटिल्य का भारत दैनिक ने अथक प्रयास से उक्त मामले क़ो उठाया, क्षमता से कई गुना ज्यादे प्रलोभनो ने भी हमारी नीति और नियति  कोई दबाव नहीँ मना, आज तो जब सारी मेहनत सामने है तब गोस्त मंडी का मदरसा बंद और भवन पर योगिराज का बुलडोजर तैयार खड़ा है 

राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत दैनिक की सतत पत्रकारिता और लगभग एक वर्ष तक चलाए गए अभियान का परिणाम अब सामने आता दिखाई दे रहा है। अखबार द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दे और प्रकाशित की गई खोजी खबरों के बाद प्रशासन ने ब्रिटिश नागरिक समसुल से जुड़ी बताई जा रही मदरसा सहित लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार कौटिल्य का भारत दैनिक ने करीब एक वर्ष पूर्व इस पूरे मामले को उजागर करते हुए यह प्रश्न उठाया था कि आखिर किस प्रकार एक विदेशी नागरिक द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में इतनी विशाल संपत्ति खड़ी कर दी गई और उसके अंतर्गत मदरसा सहित कई भवन संचालित होने लगे। अखबार ने लगातार रिपोर्ट प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया और भूमि के स्वामित्व, उपयोग तथा निर्माण की वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।

कौटिल्य का भारत दैनिक की इस मुहिम के चलते यह मामला धीरे-धीरे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना। इसके बाद संबंधित विभागों ने जांच प्रारंभ की, जिसमें भूमि और निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन और भूमि उपयोग में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया।


बताया जाता है कि जिस संपत्ति पर कार्रवाई की जा रही है उसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें मदरसा, भवन तथा उससे संबंधित अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। प्रशासनिक टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि कौटिल्य का भारत दैनिक ने इस मुद्दे को निरंतरता के साथ न उठाया होता, तो संभवतः यह मामला इतने बड़े स्तर पर सामने नहीं आता। अखबार की दृढ़ और राष्ट्रहित में की गई पत्रकारिता ने इस प्रकरण को जनचर्चा का विषय बनाया और अंततः प्रशासन को कार्रवाई के लिए बाध्य किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा प्रदेश में अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के बीच यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम को यह भी माना जा रहा है कि सजग और राष्ट्रहित में कार्य करने वाली पत्रकारिता किस प्रकार समाज और शासन व्यवस्था को सक्रिय करने की शक्ति रखती है।

इस प्रकार कहा जा सकता है कि कौटिल्य का भारत दैनिक की लगभग एक वर्ष लंबी खोजी पत्रकारिता और राष्ट्रहित की मुहिम ने अंततः परिणाम दिया और अब करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति पर प्रशासन की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। 

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