रांची
झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग की ₹160 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के गायब होने का मामला जनवरी 2026 में सुर्खियों में आया, जब JDU विधायक सरयू राय ने इसे उजागर किया। विभाग ने यह FD केनरा बैंक और एक अन्य बैंक में जमा की थी, लेकिन परिपक्वता तिथि पर निकासी के प्रयास में बैंकों ने इनकार कर दिया।घटना का विवरणविभाग के अधिकारियों के पास FD की रसीदें मौजूद हैं, फिर भी बैंक ने कहा कि कोई FD शेष नहीं बची और राशि पहले ही निकाल ली गई है।
सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि पैसा किसने निकाला और जांच क्यों नहीं हो रही। विपक्षी नेता बाबूलाल मरांडी ने इसे चारा घोटाले जैसा बताया, जहां बिजली बिलों के ब्याज और अन्य फंड्स का गबन हुआ।संभावित कारणयह अवैध निकासी या फर्जी लेन-देन का मामला प्रतीत होता है, क्योंकि ऊर्जा विभाग के शीर्ष पद चार माह से खाली हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया प्रभावित है। ऑडिट में 21.51 करोड़ का लेखा-जोखा न मिलना और पेयजल विभाग से 23 करोड़ की निकासी जैसे अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं।
ऊर्जा विभाग मुख्यमंत्री के अधीन होने से सत्ता-स्तरीय संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं।वर्तमान स्थितिफरवरी 2026 तक कोई आधिकारिक जांच या सरकारी स्पष्टीकरण नहीं आया है; विपक्ष विधानसभा में मुद्दा उठाने की बात कर रहा है। यह वित्तीय घोटाले की आशंका को मजबूत करता है, लेकिन पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।
मनोज यादव
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें