कौटिल्य दृष्टि
भाजपा, संघ , चीन मिलन कुछ प्रोटोकॉल या एक दूसरे के करीब समय की मांग!
दिल्ली/बस्ती
कौटिल्य नीति के अनुसार, नईं दिल्ली में संघ-चीनी कम्युनिस्ट मुलाकात को शत्रु-मित्र संतुलन की दृष्टि से देखना चाहिए। चाणक्य कहते हैं कि "शत्रु भी मित्र बन सकता है यदि हित साध्य हो" (अर्थात्, संधि का उपयोग सदा शक्ति वृद्धि के लिए करें)। यह मुलाकात कूटनीतिक संवाद की कड़ी है, न कि अधीनता का प्रतीक।कौटिल्य के षड्गुण सिद्धांतकौटिल्य अर्थशास्त्र में राजा को षड्गुणों (संधि, विग्रह, यान, असन, द्वैध, संश्रय) का पालन करने का निर्देश देते हैं।संधि (गठबंधन): भाजपा-आरएसएस और सीपीसी की यह भेंट संधि का रूप है, जहाँ विवादों के बावजूद व्यापारिक हित (खाद, दुर्लभ मिट्टी) सुरक्षित रखे जाते हैं। गलवान जैसी घटना के बाद भी संवाद जारी रखना कौटिल्य की "समाश्वास" (आश्वासन) नीति है।विग्रह (संघर्ष): चीन का 43,000 वर्ग किमी कब्जा और 1962 युद्ध विग्रह का प्रमाण है, किंतु कौटिल्य कहते हैं—शत्रु से युद्ध अंतिम उपाय हो।असन (रुकना): लद्दाख में सेनाएँ पीछे हटना असन का उदाहरण है, जो शक्ति संचय के लिए समय खरीदता है।शत्रु-मित्र विश्लेषणमात्रासंख्यान (शक्ति मापन): भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली बनाम चीन का एकाधिकार—कौटिल्य इसे "शत्रु की कमजोरी" मानते। हमारी निर्वाचित सरकार 5 वर्ष सीमित है, जबकि शी जिनपिंग का केंद्रीकरण आंतरिक विद्रोह उत्पन्न कर सकता है।चीन को भारत की आवश्यकता: ब्रिक्स 2024 संवाद से बर्फ पगली, सीमा वार्ता प्रगति पर।भारत को लाभ: रसायन, दुर्लभ तत्त्व आयात—व्यापार घाटा कम करने हेतु स्वदेशी उत्पादन बढ़ाना कौटिल्य का "लघु प्रतिकार"।
कूटनीतिक सतर्कताकौटिल्य चेताते हैं: "मैत्री शत्रु से भी शीघ्र भंग हो सकती है"। ये मुलाकातें वाजपेयी काल से चली आ रही हैं—प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ, जयशंकर के चीन दौरे इसका प्रमाण। भाजपा-आरएसएस ने कोई गोपनीय पत्र नहीं साइन किया, अतः "देशद्रोह" आरोप मिथ्या।दुष्ट वाक्य: कांग्रेस का प्रकोष्ठ सलमान खुर्शीद से सीपीसी भेंट—स्वयं विरोधाभासी।सुप्त रणनीति: भू-राजनीति में अमेरिका-चीन तनाव से भारत लाभान्वित। कौटिल्य की "परमैत्री" (परम मित्र) अमेरिका से संतुलन बनाए रखें।आंतरिक एकता हेतु नीति"आपदर्थं परिषद्वाच्छिकं च" (आपदा में परिषद् सहायता)। विपक्ष को फाड़ना बंद कर एकजुट रहें। स्वदेशी नीति से व्यापार घाटा घटाएँ—चीन निर्भरता समाप्ति कौटिल्य का "तत्पुरुष प्रतिकार"।मानसरोवर यात्रा पुनः प्रारंभ: सांस्कृतिक विजय।दुर्लभ मिट्टी खनन: आंध्र, राजस्थान में उत्पादन बढ़ाएँ।भविष्य दृष्टि,ब्रिक्स से निकटता सकारात्मक, किंतु कौटिल्य की "तिक्त संधि" स्मरण रखें—शत्रु से संधि कड़वी होनी चाहिए। 2025-26 में सीमा स्थायी समाधान, आर्थिक आत्मनिर्भरता लक्ष्य रखें। विवाद नरमी से हल हों, किंतु सतर्कता अपरिहार्य। संघ-भाजपा का संवाद वैचारिक विरोध के बावजूद राष्ट्रीय हित रक्षक है।
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