**स्मृति-शेष : समाजवादी मार्ग के उजले दीप,श्री चंद्रभूषण मिश्र को ‘कौटिल्य का भारत’ की विनम्र श्रद्धांजलि**
बस्ती, उत्तरप्रदेश
समाजवादी आंदोलन के दृढ़, शांत और सिद्धांतनिष्ठ योद्धा श्री चंद्रभूषण मिश्र अब स्मृतियों में शेष रह गए हैं।लखनऊ के डॉक्टर लोहिया अस्पताल में उनका देहावसान एक युगीन क्षति के रूप में देखा जा रहा है।मिश्र जी का पूरा जीवन समाजवादी विचार की सेवा और जन-सरोकारों के संघर्ष को समर्पित रहा।वे संगठन के लिए केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि विचार-वाहक और मार्गदर्शक थे।जमीनी राजनीति में उनकी भूमिका ने अनेक युवाओं को दिशा और प्रेरणा दी।साधारण वेश, सरल व्यवहार और दृढ़ चेतना—यही उनकी पहचान थी।लोग उन्हें ‘विमल फोटोकॉपियर्स’ के नाम से जानते थे, पर उनके भीतर एक सिद्धांतनिष्ठ चिंतक बसता था।समाजवादी पार्टी के प्रति उनका समर्पण जीवन-धर्म था, न कि राजनीतिक दायित्व।उन्होंने सत्ता नहीं, संघर्ष को चुना—और उसी पर अटल रहे।उनके व्यक्तित्व में विनम्रता और वैचारिक दृढ़ता का दुर्लभ संगम था।मिश्र जी की असामयिक विदाई ने समाजवादी परिवार को गहरा आघात पहुँचाया है।उनके जाने से एक ऐसा स्तंभ गिरा है जो चुपचाप सेवा करता रहा, बिना किसी स्वार्थ के।उनके विचार और त्याग भाव आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करते रहेंगे।वे उन विरले नेताओं में थे जो राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता और मानवीय संवेदना के प्रतीक थे।उनका जीवन बताता है कि विचारधारा शब्दों से नहीं, आचरण से कायम रहती है।समाजवादी आंदोलन की धारा में उनका योगदान इतिहास की पंक्तियों में स्थायी रहेगा।‘
"कौटिल्य का भारत’ उनके समर्पण, कर्म और चुपचाप किए गए संघर्ष को नमन करता है।हम उन्हें एक सच्चे कर्मयोगी, चिंतक और समाजवादी परंपरा के प्रहरी के रूप में याद करते हैं।ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को धैर्य प्रदान हो।कौटिल्य का भारत उनकी स्मृति और विचारों को आदरपूर्वक नमन करता है।
उनकी आत्मा कोअन्त से अनंत की यात्रा पर अंतिम प्रणाम, ईश्वर उनकी इच्छानुशार सद्गति प्रदान करें, 🙏🌹🙏🌹🙏

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