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सोमवार, 15 जून 2026

दहेज की मांग बनी मौत का कारण:

 दहेज की मांग बनी मौत का कारण: पति, सास और पड़ोसन को आजीवन कारावास


जौनपुर। सम्वाददाता 

दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के आठ वर्ष पुराने मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने पति, सास और पड़ोसन को दोषी ठहराते हुए अर्थदंड भी लगाया।अभियोजन के अनुसार अब्दुल रईस ने खेतासराय थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी बहन अंजुम का निकाह 31 दिसंबर 2017 को मवई गांव निवासी इमरान के साथ हुआ था। विवाह में पर्याप्त उपहार दिए गए थे, लेकिन विवाह के बादमोटरसाइकिल की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।रिपोर्ट के अनुसार पति इमरान, सास रेहाना, ननदों तथा अन्य लोगों द्वारा अंजुम को दहेज के लिए मारपीट कर परेशान किया जाता था। आरोप है कि 13 मई 2018 को अंजुम के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।पुलिस विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप मौर्य द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर अदालत ने पति इमरान और सास रेहाना को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।वहीं पड़ोसन चुन्नी को हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

यह फैसला दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर न्यायपालिका की सख्त दृष्टि को दर्शाता है तथा समाज को स्पष्ट संदेश देता है कि दहेज के नाम पर अत्याचार और हत्या जैसे अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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