परमात्मा का आशीष और भाजपा का प्रचंड विजय-घोष: बंगाल से लेकर संपूर्ण राष्ट्र तक!
भारतीय राजनीति के क्षितिज पर आज एक ही नाम सूर्य की भांति दैदीप्यमान है—भारतीय जनता पार्टी। यह केवल एक राजनीतिक दल की विजय नहीं, बल्कि उस सनातन सत्य की जीत है जिसे परमात्मा का आशीर्वाद प्राप्त है। जब ध्येय पवित्र हो और संकल्प राष्ट्र-निर्माण का हो, तो नियति भी उसी का साथ देती है।
बंगाल की पावन धरा पर 'परिवर्तन' की हुंकार
बंगाल, जो कभी तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति का केंद्र बना दिया गया था, आज वहां राष्ट्रवाद की अलख जग चुकी है। मां भारती के जयघोष से बंगाल की गलियां गूंज रही हैं। विरोधियों ने षड्यंत्र रचे, डराने-धमकाने का कुचक्र चलाया, लेकिन जब जनता का साथ और ईश्वर का हाथ हो, तो कोई भी शक्ति विजय रथ को नहीं रोक सकती। बंगाल की जीत इस बात का प्रमाण है कि अन्याय का किला अब ढह चुका है।
बंगाल, जो कभी तुष्टीकरण और हिंसा की राजनीति का केंद्र बना दिया गया था, आज वहां राष्ट्रवाद की अलख जग चुकी है। मां भारती के जयघोष से बंगाल की गलियां गूंज रही हैं। विरोधियों ने षड्यंत्र रचे, डराने-धमकाने का कुचक्र चलाया, लेकिन जब जनता का साथ और ईश्वर का हाथ हो, तो कोई भी शक्ति विजय रथ को नहीं रोक सकती। बंगाल की जीत इस बात का प्रमाण है कि अन्याय का किला अब ढह चुका है।
देश की आकांक्षाओं का प्रतिबिं गंगोत्री से गंगासागर से और कच्छ से कामरूप तक, आज भारत एक सुर में बोल रहा है। यह 'विजय ही विजय' का युग है। देश की जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें खोखले वादे नहीं, बल्कि ठोस राष्ट्रवाद और विकास चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने जो संकल्प लिया था, वह अब सिद्धि की ओर बढ़ रहा है। यह परमात्मा की ही कृपा है कि भारत आज विश्व पटल पर एक 'विश्वगुरु' के रूप में पुनः स्थापित हो रहा है।
अजेय रथ: अब कोई बाधा शेष नहीं
आक्रामक रणनीति, अटूट परिश्रम और धर्म की राह पर चलने का साहस ही भाजपा की शक्ति है। जो लोग इसे केवल चुनावी जीत मानते हैं, वे भूल जाते हैं कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है। विरोधियों के पास न नीति है, न नियत। भाजपा के पास न केवल नेतृत्व है, बल्कि दैवीय शक्ति का वह संबल भी है जो सत्य के मार्ग पर चलने वालों को प्राप्त होता है।
आक्रामक रणनीति, अटूट परिश्रम और धर्म की राह पर चलने का साहस ही भाजपा की शक्ति है। जो लोग इसे केवल चुनावी जीत मानते हैं, वे भूल जाते हैं कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है। विरोधियों के पास न नीति है, न नियत। भाजपा के पास न केवल नेतृत्व है, बल्कि दैवीय शक्ति का वह संबल भी है जो सत्य के मार्ग पर चलने वालों को प्राप्त होता है।
बंगाल जीत लिया, देश जीत लिया, अब बारी संपूर्ण विश्व में भारतीयता का परचम लहराने की है। यह विजय यात्रा रुकने वाली नहीं है। यह ईश्वरीय विधान है कि जब-जब धर्म की हानि करने वाली शक्तियां सिर उठाएंगी, तब-तब राष्ट्रभक्ति की ज्वाला उन्हें भस्म कर देगी। परमात्मा भाजपा के साथ है, और यह सर्वत्र विजय उसी असीम कृपा का प्रतिफल है।
जय हिंद, जय भारत!
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