वशिष्ठ महोत्सव ने जगाई सांस्कृतिक चेतना, खेल प्रतिभाओं का हुआ महाकुंभ
वी के त्रिपाठी, संवाददाता, कौटिल्य का भारत
बस्ती के शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय “वशिष्ठ महोत्सव” का भव्य और राष्ट्रभाव से ओतप्रोत समापन हुआ। बस्ती स्थापना दिवस पर आयोजित इस विराट आयोजन ने सांस्कृतिक चेतना, खेल प्रतिभा और भारतीय परंपरा के अद्भुत संगम का दृश्य प्रस्तुत किया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेता राणा दिनेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव ने यह संदेश दिया कि बस्ती केवल एक जनपद नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव की भूमि है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि राजेंद्र नाथ तिवारी ने महर्षि वशिष्ठ की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दोनों अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
मुंबई से आए प्रसिद्ध भजन गायक नीरज तिवारी ने “राम जी की सेना चली”, “अभी जरा ठहरो राम”, “जय श्रीराम बोलेगा” जैसे गीतों से पूरे स्टेडियम को भक्तिमय और राष्ट्रवादी भाव से भर दिया। वहीं लखनऊ से आई लोक गायिका कल्पना पांडेय ने अपने भोजपुरी और देवी गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया। हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
दूसरी ओर प्रदेश स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में 45 जिलों की टीमों ने भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। बालक वर्ग में 102 मुकाबलों में 596 खिलाड़ियों और बालिका वर्ग में 63 मुकाबलों में 448 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। यू.पी. खो-खो लीग के लिए 24 बालक और 24 बालिकाओं का चयन किया गया, जिन्हें राष्ट्रीय कोचिंग हेतु शीघ्र बुलाया जाएगा।
खेल प्रतियोगिताओं में गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, बलिया, प्रयागराज, भदोही और मथुरा सहित अनेक जिलों के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कबड्डी, हैंडबॉल और वालीबॉल प्रतियोगिताओं में विजेता टीमों को नकद पुरस्कार, मेडल और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम संयोजक राणा दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि बस्ती का नाम बदलकर “वशिष्ठ नगर” करने के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, कोचों, निर्णायकों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख यशकांत सिंह, दिलीप पाण्डेय, सुनील कुमार गुप्ता, सूर्य कुमार शुक्ल, कृपा शंकर त्रिपाठी, प्रेम प्रकाश चौधरी, कैलाश मोहन श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, चंद्र मणि मिश्रा, परमात्मा मधेशिया, जितेंद्र सिंह गुड्डू, आशीष सिंह, रणजीत सिंह और विजय दुबे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी और दर्शक उपस्थित रहे।
वशिष्ठ महोत्सव ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी जनपद अपनी सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकता है। बस्ती में प्रारंभ हुआ यह अभियान अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनता जा रहा है।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें