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मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

विकास भवन में बनेगा नदी सफाई का खाका, भूख-हड़ताल के आगे झुका प्रशासन

  विकास भवन में बनेगा नदी सफाई का खाका, भूख-हड़ताल के आगे झुका प्रशासन


कौटिल्य का भारत संवाददाता, वी के त्रिपाठी 

बस्ती। जनपद की विषाक्त होती नदियों की सफाई और पुनर्जीवन को लेकर चल रही भूख-हड़ताल ने सातवें दिन निर्णायक मोड़ ले लिया। भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के अडिग रुख के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और ठोस कार्ययोजना बनाने का आश्वासन देना पड़ा।सोमवार सुबह श्री पाण्डेय समर्थकों के साथ ज्ञापन सौंपकर धरने पर बैठे, जिसके बाद प्रशासनिक अमला उन्हें मनाने में जुट गया। सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों, सीओ सिटी और एसडीएम सदर के साथ कई दौर की वार्ता हुई। अधिकारियों ने बताया कि मांग पत्र शासन को भेज दिया गया है, लेकिन श्री पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि 5 फरवरी को दिए गए ज्ञापन पर अब तक हुई कार्यवाही का ठोस विवरण प्रस्तुत किया जाए।

वार्ता के दौरान केंद्रीय जल बोर्ड के सर्वे का हवाला दिया गया, जिस पर श्री पाण्डेय ने बताया कि यह सर्वे उनके प्रयासों और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के सहयोग से कराया गया था, जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले ही नदी के पानी को अत्यंत दूषित घोषित कर चुका है, बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।श्री पाण्डेय के तर्कपूर्ण और दृढ़ रुख के चलते प्रशासन को ठोस निर्णय लेना पड़ा। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के स्तर पर हुई सहमति के अनुसार अब मुख्य विकास भवन सभागार में व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित विभागों और सिंचाई विभाग के मंडलीय अधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में नदियों की सफाई और पुनर्जीवन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।


प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि—नदियों पर हुए अतिक्रमण की पहचान कर नोटिस जारी किए जाएंगे नालों के जरिए गिर रहे प्रदूषित जल पर प्रभावी रोक लगाई जाएगीसफाई और पुनर्जीवन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्य शुरू किया जाएगाश्री पाण्डेय ने कहा कि वे संवाद में विश्वास रखते हैं, लेकिन यदि इस बार भी वादाखिलाफी हुई तो वे मुख्यमंत्री से मिलकर या न्यायालय के माध्यम से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।

अंततः प्रशासन के आश्वासन के बाद एसडीएम सदर ने जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिनमें देवशरण शुक्ल, दिग्विजय नाथ पाण्डेय, अभिषेक शर्मा, शिव पूजन चौहान, अमरेश पाण्डेय, महेन्द्र सिंह, राहुल शर्मा, कुलदीप जायसवाल, पशुपतिनाथ चौबे, चन्द्र प्रकाश तिवारी, राजीव पाण्डेय, विमलेंद्र सिंह, शक्तीदीप पाठक और रामधीरज चौधरी प्रमुख रूप से शामिल रहे.

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