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शनिवार, 25 अप्रैल 2026

सफेद कोट में साजिश! केजीएमयू से निकला फर्जी डॉक्टर रैकेट, देश-विदेश तक फैला जाल


केजीएमयू फर्जी डॉक्टर कांड: हस्साम अहमद का जाल अंतरराष्ट्रीय, कई मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर-छात्र रडार पर

छवि सोशल मीडिया 

लखनऊ से बड़ी खबर

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पकड़े गए फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद का मामला अब एक बड़े नेटवर्क के रूप में सामने आ रहा है। जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि इस फर्जीवाड़े की जड़ें सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं, बल्कि देश-विदेश तक फैली हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी का पासपोर्ट जब्त कर उसकी विदेश यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहन जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आरोपी किन-किन देशों में नेटवर्क बनाकर मेडिकल छात्रों को जोड़ रहा था और उन्हें विदेश में प्रशिक्षण के नाम पर किस तरह गुमराह किया जा रहा था।

जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह में अन्य मेडिकल कॉलेजों के कुछ डॉक्टर और छात्र-छात्राएं भी जुड़े हो सकते हैं। ऐसे संदिग्धों की सूची तैयार की जा रही है और उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

पुलिस को आरोपी के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से फर्जी दस्तावेजों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। यह भी सामने आया है कि हस्साम अहमद ने अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों समेत कई जरूरी दस्तावेज जाली तरीके से तैयार कराए थे, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है।जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने “कॉर्डियो सेवा फाउंडेशन” के नाम पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर अपना नेटवर्क खड़ा किया। इन शिविरों के माध्यम से वह मेडिकल छात्र-छात्राओं और आम लोगों से संपर्क बनाता था। अब इन शिविरों में शामिल लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ की तैयारी चल रही है।

सोशल मीडिया के जरिए भी आरोपी ने अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की। युवाओं को विदेश में बेहतर करियर और ट्रेनिंग के सपने दिखाकर उन्हें अपने नेटवर्क में जोड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल हर व्यक्ति की भूमिका सामने लाई जा सके।प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि अन्य मेडिकल संस्थानों की संलिप्तता सामने आती है, तो बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।


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