बस्ती/लखनऊ:
संवाददाता
उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों का मौजूदा कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। संविधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी ग्राम पंचायत का कार्यकाल उसकी प्रथम बैठक की तिथि से 5 वर्ष निर्धारित होता है। वर्ष 2021 में गठित पंचायतों का यह कार्यकाल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
राज्य भर में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी प्रक्रिया को समय से पूर्ण कराने के संकेत दिए गए हैं, ताकि स्थानीय शासन व्यवस्था में किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल: 26 मई 2026 तककार्यकाल अवधि: प्रथम बैठक से 5 वर्ष
चुनाव प्रक्रिया: कार्यकाल समाप्ति से पहले या तुरंत बाद कराना अनिवार्य
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव न केवल ग्रामीण लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं, बल्कि यह स्थानीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, प्रशासनिक या कानूनी कारणों से चुनाव की तिथियों में आंशिक बदलाव संभव है, लेकिन वर्तमान पंचायतों का आधिकारिक कार्यकाल मई 2026 के अंत तक ही मान्य रहेगा।
ग्राम स्तर पर अब राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी गरमाने की संभावना है।
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