बस्ती में पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी: पत्रकार पर हमला, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल
बस्ती। वशिष्ठ नगर
जनपद के दुबखरा स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर उस समय हड़कंप मच गया, जब अव्यवस्था की रिपोर्टिंग कर रहे एक पत्रकार पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया।घटना के केंद्र में बताया जा रहा है कि पंप पर कार्यरत चालक तरुण सिंह और उसके सहयोगियों ने पत्रकार वेदिक द्विवेदी के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की।
क्या है पूरा मामला?दुबखरा स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें लगी थीं,अव्यवस्था और संभावित कुप्रबंधन की खबर कवर करने पहुंचे पत्रकार वेदिक द्विवेदी ,इसी दौरान पंप के कथित दबंग कर्मचारियों ने पत्रकार पर हमला कर दिया।मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन का दावा बनाम जमीनी हकीकत:इधर प्रशासन की ओर से प्रतिपाल सिंह ने बयान दिया है कि: “जनपद में पेट्रोल-डीजल की स्थिति पूरी तरह सामान्य है।”लेकिन जमीनी तस्वीर इससे उलट नजर आ रही
लंबी कतारें,अव्यवस्था और अब पत्रकार पर हमला यह प्रशासनिक दावों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सबसे बड़ा सवाल?क्या पंप पर दबंगई के बल पर वितरण हो रहा था?क्या पत्रकार की आवाज दबाने की कोशिश की गई?क्या प्रशासन केवल बयान तक सीमित है?अब नजर पुलिस कार्रवाई पर,घटना के बाद पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर नजरें टिकी हैंयदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या भरोसा?
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यदि सड़क पर पीटा जाएगा,तो यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं— यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है,बस्ती की यह घटना सिर्फ एक स्थानीय विवाद नहीं,
बल्कि यह संकेत है कि जमीनी स्तर पर कानून का डर कमजोर पड़ रहा है,अब देखना यह होगा कि शासन “बयान” से आगे बढ़कर “कार्रवाई” करता है या नहीं।

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