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गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

आम हड़ताल में बस्ती में गरजा श्रमिक–किसान मोर्चा, 8 सूत्रीय मांगपत्र राष्ट्रपति को भेजा


आम हड़ताल में बस्ती में गरजा श्रमिक–किसान मोर्चा, 8 सूत्रीय मांगपत्र राष्ट्रपति को भेजा

बस्ती, 12 फरवरी।


ट्रेड यूनियन संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल के क्रम में बस्ती जनपद में भी व्यापक प्रदर्शन किया गया। आयोजकों ने हड़ताल को सफल बताते हुए कहा कि श्रमिकों और किसानों की मांगों को लेकर जनपद में जोरदार भागीदारी रही।

सीटू, एटक, एक्टू से जुड़े विभिन्न संगठनों—एमडीएम रसोइया कर्मचारी यूनियन, यूपीएमएसआरए, जिला ट्रेड यूनियन काउंसिल, आशा कर्मचारी यूनियन, ई-रिक्शा संचालक यूनियन, बिजली कर्मचारी संघ, जलकल यूनियन, संविदा कर्मचारी एवं खेत मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन, किसान सभा सहित अनेक जनवादी संगठनों—जनौस, एडवा, एआईएसएफ आदि के कार्यकर्ता न्याय मार्ग स्थित सीटू कार्यालय पर एकत्र हुए।

ध्रुव चंद, अशर्फी लाल गुप्ता, रंजीत श्रीवास्तव, राम अचल निषाद, गौरी शंकर चौधरी, शिवाजी शुक्ला सोनी, सत्यभान, शिव चरण निषाद, परशुराम और वसीम के संयुक्त नेतृत्व में निकला जुलूस न्याय मार्ग, कचहरी और शास्त्री चौक से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान चारों श्रम संहिताओं तथा भारत-अमेरिका समझौते की प्रतियां प्रतीकात्मक रूप से जलायी गईं। इसके बाद उप जिलाधिकारी बस्ती सदर शत्रुघ्न पाठक के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित 8 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया।

मुख्य मांगें:

चारों श्रम संहिताओं को रद्द कर पूर्व के श्रम कानून बहाल किए जाएं।

सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।

न्यूनतम वेतन कानून लागू करते हुए बाह्य संविदा व्यवस्था समाप्त की जाए तथा मानदेय आधारित कर्मियों को पेंशन सहित सभी सेवा लाभ दिए जाएं।

बिजली (संशोधन) विधेयक वापस लिया जाए।

भारत-अमेरिका समझौता रद्द किया जाए।

बीबी ग्राम जी कानून रद्द किया जाए।

मनरेगा को बहाल किया जाए।

आंगनवाड़ी, आशा और रसोइया सहित मानदेय कर्मियों को नियमित कर 26 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।

कार्यक्रम में दीवान चंद्र चौधरी, शोभाराम ठाकुर, जयराम वर्मा, आरपी चौधरी, कन्हैया किसान, सत्य प्रकाश, रामदास चौधरी, विनोद चौधरी, त्रिवेणी चौधरी, तिलक राम चौधरी, सुधीर कुमार, मिथलेश कुमार, बाल गोविंद, संजय राय, प्रवीण कुमार, धर्मेंद्र, राम शंकर, नरसिंह भारद्वाज, बिफई राव, राम दयाल, राम किशुन, दिलीप वर्मा, अजय कुमार, उमेश चंद्र चौधरी, शिवम यादव, राम लौट, केके तिवारी, सत्यराम, शेषमणि, विजयलक्ष्मी, इंद्रावती, विद्यावती, अनीता, रुखसाना, रामभवन, रामकरन, गुड़िया, मिस्लावती देवी, फूलचंद्र, कुसुम देवी, राम निरख यादव, आशुतोष शर्मा, अमित कुमार श्रीवास्तव, विनीत त्रिपाठी, शैलेश चौहान, अश्वनी शुक्ला, आरके श्रीवास्तव, उस्मान खान, जमालुद्दीन, आरपी सिंह, अमित पांडेय, सुनीत कुमार, डीआर मिश्रा, संदीप श्रीवास्तव सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।

आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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