48 वर्षों की गौरव गाथा: भारतीय बस्ती ने पत्रकारिता और तकनीक पर जगाई नई चेतना


भारतीय बस्ती के 48वें स्थापना दिवस पर ए.आई. पर मंथन, विभूतियों का हुआ सम्मान


"ए.आई. मानव हितों के लिए हो, मानवीय संवेदनाओं का विकल्प नहीं" — महेश शुक्ल

बस्ती, 20 जुलाई। बस्ती से प्रकाशित स्थापित हिन्दी दैनिक 'भारतीय बस्ती' का 48वाँ स्थापना दिवस सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह में पत्रकारिता, शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) : वरदान या अभिशाप" विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने तकनीक के विविध पक्षों पर गंभीर एवं व्यापक विमर्श किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री महेश शुक्ल ने कहा कि ए.आई. तकनीक का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तकनीक का स्वागत है, लेकिन मानवीय संवेदनाएं, सत्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व किसी भी परिस्थिति में कम नहीं होने चाहिए। विषय प्रवर्तन करते हुए कृष्ण गोपाल अग्रवाल और मानस श्रीवास्तव ने कहा कि ए.आई. उपयोगी तकनीक है, किन्तु यदि यह मनुष्य की चेतना पर हावी हो गई तो इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। पत्रकारों को इसे रचनात्मक सहयोगी के रूप में अपनाना चाहिए, निर्णयकर्ता के रूप में नहीं।

पूर्व विधायक दयाराम चौधरी ने कहा कि मशीनें मनुष्य की सुविधा के लिए बनी हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि वे मनुष्य की चेतना और स्वतंत्र चिंतन को प्रभावित न करें। संगोष्ठी को भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र, सिद्धार्थ मिश्र, विनोद उपाध्याय, अरविन्द पाल, गोपेश्वर त्रिपाठी, डॉ. सत्यव्रत, वागार्थ सांकृत्यायन, कौशल पाण्डेय, जगदीश शुक्ल, अशोक मिश्र, सर्वेष्ट मिश्र, सत्येन्द्र सिंह 'भोलू', अवधेश त्रिपाठी, योगेश शुक्ल, डॉ. वी.के. वर्मा, प्रेमशंकर ओझा, दशरथ प्रसाद यादव, भानू सिंह, आयुष शुक्ल, त्रिभुवन प्रसाद मिश्र, राजेश प्रताप सिंह 'बागी' तथा सुरेन्द्र नाथ द्विवेदी ने संबोधित करते हुए कहा कि ए.आई. का भविष्य उसके नैतिक उपयोग पर निर्भर करेगा।

इस अवसर पर भारतीय बस्ती के संस्थापक स्व. दिनेश चन्द्र पाण्डेय की स्मृति में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।" हरिश्चन्द्र अग्रवाल स्मृति सम्मान" से मोहित पाण्डेय, सुरेन्द्र पाण्डेय एवं जितेन्द्र यादव, मो. इब्राहीम स्मृति सम्मान से रवीश मिश्र, वहीद खान एवं आदिल खान, तथा हीरालाल गुप्ता स्मृति सम्मान से सुभाष त्रिपाठी, सन्तोष सिंह एवं हरसरन कौर को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में दिनेश सिंह, सरदार जगबीर सिंह, प्रवीण पाण्डेय, संजय अग्रवाल तथा अरशद विशेष रूप से उपस्थित रहे।समारोह में दिलीप पाण्डेय, राकेश चन्द्र श्रीवास्तव 'बिन्नू', राजेश पाण्डेय, अमर सोनी, रितिक कुमार, अमित कुमार सिंह, दिलीप सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, ब्रह्मसेवक पाण्डेय, सुनील कुमार भट्ट, सर्वेश श्रीवास्तव, चन्द्रबली मिश्र, राजेश कुमार उपाध्याय, गौहर अली, जीशान हैदर रिजवी, गंगाराम, राजेश चित्रगुप्त, अरुण कुमार, रितेश कन्नौजिया, रत्नेन्द्र पाण्डेय, अजय श्रीवास्तव, जितेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र दूबे, भोला पाण्डेय, चन्द्रेश्वर सिंह, दिलीप, आलोक कुमार श्रीवास्तव, राजवन्त, विवेक मिश्र, अनूप मिश्रा, वीरेन्द्र गोस्वामी, जितेन्द्र कौशल सिंह, विजय प्रकाश पाण्डेय, प्रद्युम्न शुक्ल, सुरेश कुमार सिंह गौतम, मनोज सिंह, प्रमोद पाण्डेय, सुनील सोनी, कलीम, अनिल श्रीवास्तव, विक्रम चौहान, पूरन तिवारी, उमेश कुमार दूबे, राहुल तिवारी, दीनदयाल तिवारी, विजय कुमार चौधरी, कौशल कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार शुक्ल, आशुतोष नारायण मिश्र, अंकुर वर्मा, सूर्य प्रकाश शुक्ल, गौरव अग्रवाल, विवेक श्रीवास्तव, वशिष्ठ कुमार पाण्डेय, संदीप गोयल, देवेन्द्र पाण्डेय, उदयभान, राम बाबू श्रीवास्तव, चन्द्रभूषण श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, प्रसन्न नारायण दूबे, श्रीप्रकाश, वीरेन्द्र कुमार शुक्ल, रामानन्द, देवानन्द पाण्डेय, अरुण त्रिपाठी, धीरज चौहान, सैम चौधरी, अवधेश कुमार त्रिपाठी, अर्चना श्रीवास्तव, अतुल पाण्डेय, मो. सामईन फारूकी, रमेश मिश्र, रामअधार पाल, राकेश कुमार सिंह, राणा महेन्द्र प्रताप, ज्ञान प्रकाश दूबे, अखिल यादव, आशीष चौधरी, अमृत कुमार वर्मा, भारतराम, दिव्याश दूबे, कपीश मिश्र, इन्द्र भूषण, प्रिन्स शुक्ला, राम सागर मिश्र, सर्वेश कुमार, सर्वेश यादव, डॉ. नवीन सिंह, राजेन्द्र उपाध्याय, ओम प्रकाश मिश्र, शशिकान्त पाण्डेय, दिनेश कुमार पाण्डेय, डब्लू, चन्द्र प्रकाश, विवेक त्रिपाठी, अंकित त्रिपाठी, अब्दुल्लाह, अनिल सिंह, के.पी. राठौर, रवि पाठक, सुनील दूबे, राजेश मिश्रा, लालचन्द्र चौधरी, अरूणेन्द्र पटेल, कृष्णचन्द्र सिंह, ध्रुव चन्द्र सिंह, मनमोहन श्रीवास्तव 'काजू', संतोष पाल, अखिलेश सिंह, सरोज मिश्र, सुभाष शुक्ल, महेन्द्र तिवारी, जय प्रकाश उपाध्याय, प्रमोद श्रीवास्तव तथा प्रवीण श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।समारोह का वातावरण पत्रकारिता की गरिमा, सामाजिक सरोकार और तकनीकी युग की चुनौतियों पर गंभीर चिंतन से ओतप्रोत रहा। वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि ए.आई. तभी वरदान है, जब उसका संचालन मानवीय विवेक, नैतिकता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए।

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