महाराणा प्रताप जयंती पर निकली पदयात्रा, करणी सेना ने किया वीर शिरोमणि को नमन
बस्ती, वशिष्ठ नगर 09 मई। संवाददाता
महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर श्रीराजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कम्पनी बाग चौराहे से पदयात्रा निकालकर महाराणा प्रताप चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा उनके अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद किया। करणी सेना के पूर्वांचल अध्यक्ष यशवंत सिंह रोलू ने कहा कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के 13वें शासक थे, जिन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय संघर्ष का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि 1576 का हल्दीघाटी युद्ध आज भी वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है।
जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया।पूर्वांचल उपाध्यक्ष नागेश सिंह एवं मण्डल अध्यक्ष मनीष सिंह मोनू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्र गौरव की अमिट गाथा है। युवा नेता अभिजीत सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का नाम आते ही प्रत्येक भारतीय के मन में उत्साह और वीरता का संचार होता है। उनका शौर्य सदियों तक याद किया जाता रहेगा।
इस अवसर पर रवि सिंह, नागेन्द्र पाल, शिवेन्द्र विक्रम सिंह, मोनू सिंह, भावेश पाण्डेय, अमितेश प्रताप सिंह, हरीश सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अभिषेक सिंह, अनुरोध सिंह, अमित विक्रम सिंह, प्रमोद सिंह, पियूष सिंह, सिद्धार्थ राय, विनय पाल, चन्द्रेश प्रताप सिंह, राघवेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, शुभम सिंह, अभय पाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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