"न हंयते हंयमाने शरीरे "
पितृशोक में डूबा पत्रकार समाज, नम आँखों से दी गई अंतिम विदाई
बस्ती, 15 अप्रैल।
जनपद का पत्रकार समाज आज गहरे शोक में डूबा नजर आया, जब वरिष्ठ पत्रकार जीतेन्द्र यादव के पिता रामवृक्ष यादव के आकस्मिक निधन का समाचार मिला। इस दुखद सूचना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पत्रकार समुदाय को स्तब्ध कर दिया।
न्याय मार्ग स्थित प्रज्ञा प्रकाशन परिसर में नेशनल प्रेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित शोकसभा में उपस्थित साथियों की आँखें नम थीं और वातावरण गमगीन। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्रनाथ तिवारी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि रामवृक्ष यादव अपने सरल, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में जिस निष्ठा और ईमानदारी से सेवा दी, वह आज भी लोगों के हृदय में जीवित है। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का उदाहरण था।
शोकसभा में एनपीसी संरक्षक अशोक श्रीवास्तव सहित अनेक पत्रकार साथियों ने दिवंगत के प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पत्रकार समाज जीतेन्द्र यादव और उनके परिवार के साथ खड़ा है।
गम और संवेदना से भरे इस माहौल में हर चेहरा यही कहता नजर आया—कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं, बल्कि खामोशी और आँसुओं से अपनी गहराई बयान करते हैं।

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