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शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

प्रेम और समर्पण से ही प्रभु से जुड़ता है हृदय — शिवबली चौबे


प्रेम और समर्पण से ही प्रभु से जुड़ता है हृदय, शिवबली चौबे


बस्ती कांवरिया संघ चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रभु संबंध अभियान व श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सागर

हरिओम, संवाददाता, 4अप्रेल 26,समय 1.5


बस्ती। बस्ती कांवरिया संघ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित प्रभु संबंध अभियान एवं श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन का आयोजन अत्यंत भक्तिमय और प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा व्यास ब्रह्मचारी शिवबली चौबे जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि प्रभु से सच्चा संबंध बनाने के लिए हृदय में निर्मल प्रेम, अटूट विश्वास और निरंतर स्मरण का भाव होना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि जब मनुष्य सच्चे प्रेम और समर्पण के साथ भगवान का स्मरण करता है, तब ईश्वर स्वयं उसके जीवन में मार्गदर्शक बन जाते हैं। प्रभु को केवल ज्ञान या कर्म से नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण से प्राप्त किया जा सकता है।

महाराज श्री ने कहा कि मनुष्य को प्रतिदिन प्रार्थना, भक्ति, सेवा और पवित्र जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। ईश्वर को अपना सखा, माता-पिता या स्वामी मानकर उनसे अपने सुख-दुख साझा करने चाहिए। ऐसा करने से मन में भक्ति का सच्चा भाव जागृत होता है और जीवन में आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि संसार के कार्य करते हुए भी मन में भगवान का नाम — राम, कृष्ण, हरि — का जप निरंतर चलता रहना चाहिए। जब हम हर प्राणी और हर वस्तु में ईश्वर का अस्तित्व अनुभव करने लगते हैं, तब हमारा जीवन स्वतः ही सेवा और करुणा से भर जाता है।

ब्रह्मचारी शिवबली चौबे जी ने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता करना, गौमाता को रोटी देना और पक्षियों को दाना डालना भी ईश्वर की सच्ची सेवा है, क्योंकि प्रभु हर जीव में विद्यमान हैं। भक्तों की सेवा और पवित्र ग्रंथों का अध्ययन भी ईश्वर को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ मार्ग है।

उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना उसी प्रकार करनी चाहिए जैसे किसी सच्चे मित्र से की जाती है। कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर पर विश्वास बनाए रखें, क्योंकि वही हमें सही मार्ग दिखाते हैं और हमारी रक्षा करते हैं।कथा के मध्य-मध्य में भजन गायक संजय जी ने कर्णप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में डूबते रहे।

कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ  कथा का समापन हुआ।

इस अवसर पर विवेक गिरोत्रा, सुनील कुमार गुप्ता, संजय द्विवेदी, गौरव साहू, रोहन गुप्ता, भावेश कुमार पाण्डेय, विजय गुप्ता, दिनेश चंद्र जायसवाल, हिमांशु सोनी, बसंत लाल पंसारी, शिव कुमार गुप्ता, रामकृष्ण गुप्ता, संजय गाड़िया, हरिशंकर गुप्ता, रामकृष्ण वर्मा, आशुतोष पांडे, प्रमोद कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार चौधरी, संतोष कुमार सिंह, संतोष सोनी, ध्रुव कुमार गुप्ता, रविंद्र तिवारी, युग अग्रवाल, कुणाल कसौधन, अर्थव पाण्डेय, गौरी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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