:
फाग गीतों से गूंजा परिसर, बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन
बस्ती
होली पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने होली से जुड़े पारंपरिक एवं शास्त्रीय फाग गीत प्रस्तुत किए।संगीत शिक्षक राजेश आर्य तथा संगीत शिक्षिका रजनी गुप्ता ने कहा कि शास्त्रीय संगीत में होली का विशेष महत्व है। यह पर्व संगीत, नृत्य और रंगों से परिपूर्ण होता है तथा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में इसकी विशिष्ट पहचान है।संस्था के सचिव संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने राग काफी, आज जमुना के तीर, होरी महिनवां मां बरसे न बरसे, खेले मसाने में होली दिगंबर, होली खेले राम मिथिलापुर मां तथा होली खेल रहे नंदलाल वृंदावन की कुंज गलिन मां जैसे पारंपरिक फाग गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक विनोद कुमार उपाध्याय ने किया।इस अवसर पर अनमोल, स्वरांग, आदर्श मिश्रा, सदरे आलम, विवेक, प्रिंस शर्मा, आराध्या चतुर्वेदी, श्याम मिश्रा, सुधाकर, नितेश, प्रमोद, शैलेश, शुभ, नीलू, अनुष्का, स्वरिशा, रश्मि, अंशिका सिंह, रीना, शैलजा श्रीवास्तव और अपर्णा सहित अनेक विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। वहीं वाद्य यंत्र पर अनमोल शाही ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें