बस्ती, सिद्दार्थगर, संतकबीर नगर
अपनी विशिष्ट, जादुई और संवेदनशील लेखन शैली से हिंदी साहित्य को नई दृष्टि देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल जी के 88 वर्ष की आयु में रायपुर एम्स में हुए निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और मर्माहत करने वाला है। हाल ही में ज्ञानपीठ पुरस्कार 2024 के लिए चयनित होकर उन्होंने साहित्य जगत को गौरवान्वित किया था।
‘नौकर की कमीज’ सहित उनकी काव्य, कथा और गद्य रचनाएँ आम मनुष्य के जीवन, उसकी पीड़ा, सरलता और मानवीय गरिमा को गहरी संवेदना के साथ अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी ने हिंदी साहित्य को एक शांत, गहन और मानवीय आयाम प्रदान किया, जो सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
नेशनल प्रेस क्लब, बस्ती इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करता है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है। हम शोकाकुल परिजनों, साहित्य प्रेमियों और पाठकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।इस अवसर पर नेशनल प्रेस क्लब बस्ती मंडल बस्ती क़े अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, अशोक शिवास्तव, धनंजय श्रीवास्तव, शंकर यादव, सतीश शिवास्तव, मोहित पाण्डेय, सुमित जायसवाल , प्रदीप सिंह, केदार दूबे आदि की उपस्थिति रही.
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें