लखनऊ में 75 साल की एक महिला को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया. बैंक कर्मचारियों और पुलिस की सतर्कता से महिला 1.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से बाल-बाल बच गईं.
लखनऊ के विकास नगर इलाके में रहने वाली 75 वर्षीय उषा शुक्ला साइबर ठगी का शिकार होने वाली थीं. लेकिन जब वह रकम ट्रांसफ़र करवाने बैंक पहुँची तो वहां कर्मचारियों को कुछ शक हुआ. बैंक कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.
महिला 11 दिसंबर से 15 दिसंबर तक डिजिटल अरेस्ट में रहीं.
डिजिटल अरेस्ट एक तरह की साइबर ठगी है, जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या ऑडियो कॉल के जरिए लोगों को डराते हैं. वे नकली वारंट और केस दिखाते हैं.
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