बलिया, उत्तरप्रदेश
बलिया जिले के पंदहा ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत खड़सरा का पुरवा “रूपवार तवायफ” गांव अपने नाम के कारण दशकों से सामाजिक अपमान झेल रहा है। ग्रामीणों ने नाम बदलकर “देवपुर” रखने की मांग की है, लेकिन प्रशासन से अब तक केवल आश्वासन मिले हैं।गांव का स्थान और आकार यह गांव बलिया मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर है, जहां लगभग 800 मतदाता रहते हैं। अंग्रेजी शासनकाल में यहां 400 तवायफों को बसाया गया था, जो शाम को अंग्रेजों का मनोरंजन स्थल बन जाता था।
सामाजिक प्रभावनाम की वजह से महिलाओं को संदेहपूर्ण नजरें, युवाओं को मजाक और बुजुर्गों को अपमान सहना पड़ता है। वोटर आईडी या रूम बुकिंग जैसे अवसरों पर लोग हंसते हैं या रिश्ते टालते हैं। ग्रामीण शहरों में पते छिपाकर रहते हैं।ग्रामीणों की मांगेंपूर्व प्रधान राजदेव चौधरी ने “देवपुर” नाम प्रस्तावित किया, ताकि सम्मान बहाल हो।प्रधान प्रतिनिधि पीयूष गुप्ता ने तहसील से जिला स्तर तक प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।ग्रामीण सीएम योगी से गुहार लगा रहे हैं।प्रशासनिक प्रयासपिछले 10 वर्षों से नाम परिवर्तन के लिए पत्राचार हो रहा है, पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी से भी मिले थे। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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