*स्वास्थ्य मेला व OPD में फार्मासिस्ट डाक्टर बनकर धड़ल्ले से मरीजों का कर इलाज*
_सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद भी डाक्टर बनने वाले फार्मासिस्ट के खिलाफ नही हुई कोई कार्यवाही_
_फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र कुमार चौधरी के खिलाफ अभी तक नही हुई कोई जांच_
_जांच एवं कार्यवाही के नाम पर स्वास्थ्य विभाग कर रहा बड़ा खेल_
*कौटिल्य का भारत संवाददाता*
*गौर बस्ती*-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदी पर कोई MBBS व अन्य कोई योग्य डाक्टर नही है जिसमें फार्मासिस्ट धर्मेंद्र कुमार चौधरी डॉक्टर बनकर OPD के मरीजों का इलाज कर रहा है और स्वास्थ्य मेला में फार्मासिस्ट का कार्य छोड़कर डाक्टर बनकर डाक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों का इलाज करने में फार्मासिस्ट महिर है । OPD व स्वास्थ्य मेला में डॉक्टर बनकर इलाज करने वाले फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र कुमार चौधरी के खिलाफ अनेक सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र कुमार चौधरी के खिलाफ न तो कोई जांच की गई और न ही कोई कार्यवाही की गई जो बहुत ही निन्दनीय है और स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है ।
आपको बता दें कि लगभग 15 दिन पहले मडिया टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरदी पर सुबह 10.30 बजे धरातलीय भ्रमण किया था भ्रमण के दौरान लैब टेक्नीशियन व वार्ड व्वाय डियूटी पर कार्य करते मिले थे । बाद में लगभग 12 बजे फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र कुमार चौधरी भी अस्पताल पर पहुंचे थे । प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरदी की हालात बहुत ही दयनीय स्थिति मिली थी जिसमें साफ - सफाई नही हुई थी और चारों तरफ दवाइयां बिखरी पड़ी हुई थी । स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल पड़ी हुई थी । प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरदी पर गन्दगी का अंबार लगा हुआ था । शौचालय भी बदहाल था खिड़की दरवाजा टूटा - फूटा पड़ा हुआ था । बाहर से ही देखने से ही पता चल रहा है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरदी अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा था ।
सूत्रों की माने तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गौर के अन्तर्गत 05 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बभनान , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हलुआ , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेलघाट , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुसहा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हरदी शामिल हैं । पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 02 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों हलुआ व बेलघाट पर MBBS व अन्य योग्य डाक्टरों की तैयारी है और 03 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों बभनान , बेलघाट व हरदी पर किसी MBBS व अन्य योग्य डाक्टरों की तैनाती नही है । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर MBBS व अन्य योग्य डाक्टरों के अभाव में फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र कुमार चौधरी प्रतिदिन OPD के मरीजों का इलाज करते हैं । वर्तमान समय में वही स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदी का बना हुआ है । यदि फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र कुमार चौधरी के द्वारा किये गये इलाज के दौरान कोई बड़ी घटना घटित हो जाएं तो कौन जिम्मेदार होगा ।
आप सोच सकते हैं कि फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति कैसे होगी ? और मरीजों को कैसी स्वास्थ सुविधाएं मिल रही होगी ? इस प्रकार स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी से प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है । हरदी क्षेत्रवासियों ने खबर के माध्यम से प्रदेश सरकार से मांग किया है कि जल्द से जल्द मामले को गंभीरता से लेते हुए MBBS व अन्य योग्य डाक्टर की तैनाती की जाएं ताकि समस्त क्षेत्रवासियों को स्वास्थ सुविधाएं सरलता से उपलब्ध हो सके । उक्त प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी का फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर निकाला ।


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